जमीन पर बैठकर खाना खाने के फ़ायदे

हमारे बुजुर्गों ने जो भी tradition बनाए हैं, उनके पीछे कोई न कोई religious या scientific कारण हैं। इनमे से कुछ tradition ऐसे भी हैं जिनका संबंध मनुष्य के स्वास्थ्य से है। ऐसी ही एक परंपरा जमीन पर बैठकर भोजन करने की है।

आजकल अधिकतर लोग जमीन पर बैठकर खाना खाने की बजाय अपने बिस्तर पर टेलीविज़न के सामने बैठकर खाते हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके एक हाथ में में मोबाइल होता है और दुसरे हाथ से खाना खाते हैं। कुछ लोग dying table पर बैठकर खाना खाते हैं और कुछ बिना कहीं पर बैठे खाते हैं मानो उनके पीछे कोई हाथ धोकर पीछे पड़ गया हो।

भले यह करना उनके लिए आरामदायक लगता हो, परंतु ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। हमारे बुजुर्गों ने कुछ सोच समझकर ही जमीन पर बैठकर खाने की प्रथा को शुरू किया होगा। जमीन पर पलाथी (सुखासन) मार कर खाना खाने की आदत health के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

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आइए हम आपको बताने जा रहे हैं कि जमीन पर बैठकर भोजन करने से हमें क्या benefits मिलते हैं –

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जमीन पर बैठकर खाना खाने के फ़ायदे

आपका ध्यान खाने में रहता है

जब आप अपने परिवार के साथ जमीन पर बैठकर भोजन करते हैं तो आपका ध्यान खाने में रहता है। यह केवल आपके ध्यान को खाने पर focus ही नहीं करता, अपितु खाना खाते समय बेहतर विकल्प को select करने में भी मदद करता है। क्योंकि इस मुद्रा में आपका मन बहुत ही शांत होता है और आपका शरीर पोषण को स्वीकार करने के लिए तैयार रहता है। जमीन पर बैठकर भोजन करने के प्रथा सही मात्रा में खाना खाने के लिए और सही तरह से भोजन करने के लिए सबसे अच्छी है।

वजन नियंत्रित रहता है

जब आप सुखासन में बैठते हैं तो आपका दिमाग अपने आप शांत हो जाता है जिससे वह बेहतर ढंग से भोजन पर concentrate कर पाता है। Dying Table की बजाय सुखासन में बैठकर खाना खाने की speed धीमी हो जाती है। यह हमारे दिमाग और पेट को सही समय पर तृप्ति का एहसास करवाता है। इस तरह से आप सुखासन में बैठ कर खाने पर आप जरुरत से ज्यादा खाने से बचते हैं जिससे वजन नियंत्रित रहता है।

शरीर को लचीला बनता है

जब आप पद्मासन में बैठते हैं तो आपकी निचली पीठ, पेट के आस पास और पेट की मांसपेशियों में खिंचाव होता है जिसके कारण हमारा पाचन तंत्र आराम से अपना काम कर पाता है। इसके अलावा यह मुद्रा किसी भी तरह से पेट पर दबाव नहीं डालती है, जिससे आपको बेहतर खाने में और खाने को सही तरह से पचाने मदद मिलती है।

पाचन तंत्र को सुधारता है

आमतौर पर जब हम जमीन पर बैठते हैं तो सुखासन में बैठते हैं जो कि पाचन में मदद करने वाली मुद्रा है। जब आप भोजन करने के लिए इस मुद्रा में बैठते हैं तो पेट से जुडी समस्याएं कम होती हैं । इसके अलावा जब आप जमीन पर बैठकर खाना खाते हैं तो साधारणतया खाना खाने के लिए आगे की तरफ झुकते हैं और खाने को निगलने के लिए वापिस पहले वाली अवस्था में आ जाते हैं। इस तरह से लगातार आगे और पीछे की ओर झुकने से आपके पेट के muscles सक्रिय रहते हैं। साथ ही यह पेट में acid को भी बढाता है। इस तरह आपके भोजन को पचाना बहुत आसान हो जाता है।

जोड़ों को लचीला बनता है

पद्मासन और सुखासन दोनों ऐसी मुद्राएं हैं जो आपके पुरे शरीर को लाभ पहुंचाती हैं। यह केवल आपके पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में ही नहीं मदद करते, अपितु आपके जोड़ों को कोमल और लचीले बनाए रखने में मदद करते हैं। गठिया और हड्डीयों की कमजोरी जैसे रोगों से भी बचाते हैं। घुटने, टखने और कमर के जोड़ों के लगातार झुकने की वजह से यह उन्हें लचीला और बीमारियों से मुक्त रहने में मदद करता है। लचीलेपन के साथ जोड़ों में चिकनाई आती है जिससे जमीन पर बैठने में आसानी होती है।

परिवार को बांधता है

आमतौर पर जमीन पर बैठकर खाना खाने की प्रथा एक पारिवारिक गतिविधि है। सही समय पर अगर पूरा परिवार एक साथ खाना खाए तो आपसी एकता बढती है। अपने परिवार के साथ जुड़ने के लिए यह बहुत अच्छी आदत है। क्योंकि जमीन पर बैठकर भोजन करने से आपका मन शांत और सुखद रहता है इसलिए यह अपने परिवार के साथ जुड़ने का एक बेहतरीन वजह बन जाता है।

ह्रदय को सुदृढ़ बनाता है

जब आप जमीन पर बैठकर खाना खाते हैं तो खून का संचार सुधरता है। इस तरह ह्रदय बड़ी आसानी से digest करने में मदद करने वाले शरीर के सही अंगों को खून की supply करता है। लेकिन, जब आप कुर्सी (chair) पर बैठकर खाना खाते हैं तो यह रक्त-संचार बिगड़ता है। इसमें रक्त संचार पैरों तक होता है जो कि खाना खाते समय जरुरी नही होता। जबकि जमीन पर बैठकर खाना खाने से आपकी मांसपेशियां मजबूत होने के साथ-साथ हृदय भी सुदृढ़ बनता है।

उम्र को बढ़ा सकती है यह आदत

एक अध्ययन के अनुसार जो लोग जमीन पर पलाथी मार कर खाना खाते हैं, उनकी लम्बे समय तक जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है। क्योंकि इस मुद्रा से उठने के लिए अधिक लचीलापन और शारीरिक शक्ति की जरुरत होती है।

दिमाग को Cool रखता है

जो लोग जमीन पर बैठकर खाना खाते हैं, उनका दिमाग तनाव मुक्त रहने की संभावना अधिक होती है। क्योंकि यह दिमाग को relax और तंत्रिकाओं को शांत करता है। आयुर्वेद में माना गया है कि मन को शांत रखकर भोजन करने से पाचन तंत्र ठीक रहता है। और कुछ मामलों में लोगों के स्वाद के साथ भोजन करने में भी मदद करता है।

समय से पहले बूढ़ा नहीं होने देता

खाना खाने की यह traditional तरीका आपको समय से पहले बूढ़ा नहीं होने देता है । क्योंकि इस मुद्रा में बैठकर खाना खाने से रीढ़ की हड्डी और पीठ से जुड़ी समस्याएं नहीं होती हैं। साथ ही, जो लोग कंधों को पीछे धकेलते हुए गलत मुद्रा में बैठने के कारण किसी न किसी तरह के दर्द से परेशान होते हैं। वह समस्या भी इस आसन में बैठकर खाना खाने से दूर हो जाती है।

So, spend sometime everyday sitting down on the floor. You could watch TV, do your homework, eat or read. It’s really amazing benefits. 🙂

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