सबसे बड़ा उपहार Tenali Raman Ka Kissa in Hindi

Sabse Bada Uphaar Tenali Raman Ka Kissa in Hindi
Sabse Bada Uphaar – Tenali Raman Ka Kissa in Hindi

सबसे बड़ा उपहार
Tenali Raman Ka Kissa in Hindi

एक बार एक पड़ोसी राजा ने विजयनगर पर आक्रमण कर दिया। महाराज कृष्णदेव राय ने अपनी और दरबारियों की सूझ-बूझ से युद्ध में विजय प्राप्त की और जीत की ख़ुशी में उत्सव की घोषणा की।

तेनालीराम किसी कारणवश उचित समय पर उत्सव में न आ पाया। उत्सव की समाप्ति पर महाराज ने कहा, “यह जीत मेरे अकेले की जीत नहीं है, बल्कि आप सभी दरबारियों की जीत है। इस अवसर पर हमने सभी दरबारियों को उपहार देने की व्यवस्था की है। सभी सभासद उस मंच पर रखे अपनी-अपनी पसंद के उपहार उठा लें।”

एक ओर मंच पर कीमती उपहार रखे थे। प्रधानमंत्री सहित सभी दरबारी उस पर झपट पड़े और एक-दूसरे को धकेलकर कीमती से कीमती उपहार उठाने लगे। जितने दरबारी थे, उतने ही उपहार थे। पलक झपकते ही मंच उपहारों से रिक्त हो गया और वहां एक तश्तरी पड़ी रह गई।

तभी तेनालीराम भी वहां आ पहुंचा तो सभी दरबारी उनकी ओर देखकर मुस्कराने लगे कि अब आए हो जब दुनिया लूट गई।

तेनालीराम महाराज के करीब पहुंचे तो उन्होंने सारी बात बताकर कहा कि वहां आपके हिस्से का उपहार बचा है, उसे आप ले लें।

तेनालीराम ने चाँदी की वह तश्तरी उठा ली और बड़ी श्रद्धा के साथ अपने माथे से लगाकर अपने पटके से ढक ली। सभी दरबारी इस बात से खुश थे कि तेनालीराम को मात्र एक चांदी की तश्तरी ही मिली, जबकि उनके पास बहुमूल्य उपहार थे।

तेनालीराम द्वारा तश्तरी को इस प्रकार ढकते देख महाराज ने आश्चर्य से पूछा, “तेनालीराम! तश्तरी को इस प्रकार क्यों ढक लिया?”

तेनाली ने कहा, “महाराज! आपका सम्मान कायम रखने के लिए।”

महाराज ने चौंक कर पूछा, “क्या मतलब तुम्हारा? हमारे सम्मान को क्या हुआ?”

तेनाली ने उत्तर दिया, “अन्नदाता! आज तक मैंने आपसे मोतियों और अशर्फ़ियों से भरे थाल उपहार में प्राप्त किए हैं। जरा सोचिए कि यदि मैं आज खाली तश्तरी लेकर जाऊंगा तो प्रजा क्या सोचेगी? यही ना कि महाराज का दिवाला निकल गया, इसलिए राजा ने तेनालीराम को खाली तश्तरी इनाम में दी है।”

तेनालीराम की चतुराई भरी बात सुनकर महाराज गद्गद हो उठे और बोले, “नहीं तेनालीराम! आज भी हम तुम्हें खाली तश्तरी नहीं देंगे।लाओ, तश्तरी आगे बढ़ाओ।”

महाराज ने अपने गले से बहुमूल्य हार उतारकर उसकी तश्तरी में डाल दिया। ये सबसे कीमती उपहार था जिसे तेनालीराम ने अपनी चतुराई से पाया था। यह देखकर उनसे जलने वाले दरबारी जल भूनकर राख हो गए।

ऐसे ही अन्य लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें

अगर आपके पास भी Hindi में कोई प्रेरणादायक story या अच्छा सा article है जो कि आप लोगों के साथ सांझा करना चाहते हैं तो आप हमें ईमेल कर सकते हैं और हम आपके द्वारा भेजा हुआ लेख आपके नाम सहित publish करेंगे। Email – hinglishtalk@gmail.com

और हां, आपको यह प्रेरक प्रसंग कैसा लगा, हमें comments के माध्यम से जरुर बताएं और अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ share करना ना भूलें। धन्यवाद्!

Leave a Reply

Your email address will not be published.