प्रेम के सहारे ही जीता है इंसान

Prem Ke Sahaare Hi Jeeta Hai Insaan Prerak Prasang

प्रेम के सहारे ही जीता है इंसान

आपके मन में यह प्रश्न जरुर उठता होगा कि योगी बनने के लिए क्या करना चाहिए?

पहले उपयोगी बनो, फिर योगी बनने का मौका मिल सकता है। उपयोगी वही बन सकता है जो अध्यात्म से जुड़ा है, जिसका मन दूसरों के दुःख को देखकर द्रवित होता है।

उपयोगी बनने के लिए जीवन में तीन गुणों का होना अत्यंत आवश्यक है – पहला प्रेम, दूसरा त्याग और तीसरा सेवा। जिसमें भी ये तीनों गुण हैं वही योगी बन सकता है।

भक्ति मार्ग के आचार्य स्वामी रामानुजाचार्य के पास एक बार एक युवक आया और बोला, “आचार्य जी, मुझे भगवान के दर्शन करने हैं। कृप्या आप मुझे उनके दर्शन करवा दो।”

आचार्य ने कहा, “तुम्हें भगवान के दर्शन करने हैं ना, कोई समस्या नहीं है। लेकिन तुम पहले मेरे एक प्रश्न का उत्तर दे दो। क्या तुमने जिन्दगी में कभी किसी से प्रेम किया है?”

प्रश्न सुनकर वह युवक चौंक गया, फिर उसने आचार्य जी को आश्वस्त करने के भाव से कहा, “मैं ऐसे झंझट में कभी पड़ा ही नहीं।”

उन्होंने फिर से वही प्रश्न किया, “अपने बीते हुए जीवन में झांक कर उत्तर दो, क्या जिंदगी में तुमने कभी भी किसी से प्रेम किया?”

कुछ देर सोच-विचार करने के बाद युवक ने फिर से वही उत्तर दिया।

स्वामी जी ने तीसरी बार भी वही सवाल पूछा, “अपने बीते हुए जीवन की किताब का हर एक पन्ना पढ़ कर जवाब दो। किसी पन्ने पर ऐसा प्रसंग अवश्य होगा कि तूने किसी से प्यार किया है।”

तीसरी बार भी उस युवक ने कहा, “नहीं महाराज, मैंने ऐसे भूल नहीं की।”

उस युवक का यह जवाब सुनकर स्वामी रामानुजाचार्य निराश हो गए और उन्होंने उस युवक से कहा, “तो फिर मैं तुम्हारी कोई सहायता नहीं कर सकता, क्योंकि जीवन में जिसने कभी किसी से प्रेम ही नहीं किया तो वह ईश्वर से क्या प्रेम करेगा। तू अब तक जिन्दा कैसे है? इंसान प्रेम के सहारे ही जीता है, और दूसरों को जीना सिखाता है।”

प्रेम का मतलब बाहरी आकर्षण नहीं होता। जहां प्रेम है वहां त्याग है। समर्पण प्रेम की शर्त नहीं, अपितु प्रेम का स्वभाव है।

ऐसे ही अन्य लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें

अगर आपके पास भी Hindi में कोई प्रेरणादायक story या अच्छा सा article है जो कि आप लोगों के साथ सांझा करना चाहते हैं तो आप हमें ईमेल कर सकते हैं और हम आपके द्वारा भेजा हुआ लेख आपके नाम सहित publish करेंगे। Email – hinglishtalk@gmail.com

और हां, आपको यह प्रेरक प्रसंग कैसा लगा, हमें comments के माध्यम से जरुर बताएं और अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ share करना ना भूलें। धन्यवाद्!

Leave a Reply

Your email address will not be published.