कपालभाति प्राणायाम : विधि और लाभ

Kapalbhati Benefits & Weight Loss
कपालभाति प्राणायाम – वजन कम करे

आधुनिक जीवन शैली में ज्यादातर लोग वजन को लेकर परेशान रहते है। आज के समय में मोटापे से छुटकारा पाने के लिए हर कोई संभव प्रयास करता है। अक्सर देखने को मिलता है कि बहुत से लोग मोटापा दूर करने के लिए हजारों रूपये खर्च कर रहे हैं। लेकिन मोटापा कम होने की बजाय हानिकारक दवाओं के सेवन से लीवर पर विपरीत असर पड़ता है।

स्वस्थ और ताकतवर रहने के लिए योग और प्राणायाम से अच्छा कोई विकल्प नहीं है। योग और प्राणायाम करने से आप आसानी से स्वस्थ रह सकते है। वजन घटने के लिए योग क्रिया सबसे आसान और सरल उपाय है। ऐसी ही एक क्रिया है कपालभाति, जिससे निश्चित तोर पर मोटापे से छुटकारा पाया जा सकता है। कपालभाति प्राणायाम को करने से आसानी से वजन कम किया जा सकता है।

Kapalbhati Pranayama Benefits Precautions Skull Shining Technique in Hindi

परिचय / Introduction

कपालभाति एक संस्कृत शब्द है। ‘कपाल’ का अर्थ है – माथा (Forehead) और ‘भाति’ का अर्थ है –प्रकाश (Light)। रोजाना कपालभाति प्राणायाम करने से व्यक्ति के माथे और चेहरे पर कांति और चमक आ जाती है। चेहरे पर चमक व्यक्ति के स्वास्थ्य को दर्शाती है।

प्रक्रिया / Procedure

किसी स्वच्छ स्थान पर सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठे और अपने पेट को ढीला छोड़ दे। अब अपनी सांसों को बाहर छोड़ने की क्रिया को प्रारंभ करें। सांसों को बाहर छोड़ने या फेंकते समय पेट को अंदर की ओर धक्का देना है। ध्यान रहे कि श्वास को अंदर लेने की क्रिया नहीं करनी है क्योंकि उक्त क्रिया में श्वास स्वत: ही अंदर चली जाती है। लगातार आप जितने समय ऐसा कर सकते है उतनी देर तक करे। आप चाहे तो बीच में कुछ क्षण रुककर आराम भी ले सकते है।

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सावधानियां / Precautions

वैसे तो कपालभाति प्राणायाम को करने के अनेकों फायदे है लेकिन इस क्रिया को करने  के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-

♦ कपालभाति सुबह खाली पेट या पेट साफ़ होने के बाद ही करना लाभदायक होता है।
♦ अगर खाना खाने के बाद कपालभाति करना है तो खाना खाने के 3-5 घंटों बाद ही करें।
♦ कपालभाति करने के आधे घंटे तक कुछ भी न खाएं, आप चाहे तो थोड़ा सा पानी पी सकते हैं।
♦ गर्भवती महिलाएं, Gastric Ulcer, Epilepsy या Hernia के रोगी इस क्रिया को न करें।
♦ उच्च रक्तचाप या ह्रदय रोगी चिकित्सक की सलाह लेकर ही कपालभाति करें।
♦ देखा जाए तो कपालभाति क्रिया के कोई side effects नहीं है लेकिन फिर भी इस क्रिया को करते समय अगर आपको चक्कर आ जाए या जी मचलने लगे या अन्य परेशानी होने पर अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

लाभ / Benefits

कपालभाति को खड़े होकर या बैठ कर दोनों तरीको से किया जा सकता है। इस क्रिया में सांस लेने और छोड़ने की गति जितनी बढ़ती है आपको उतना ही फायदा होता है। इस प्राणायाम के निम्न लाभ हैं-

♦ कपालभाति को निरंतर अभ्यास करने से मोटापा घटाने में तो मदद मिलती ही है साथ ही पेट के आस पास की चर्बी भी कम होती है।
♦ पेट की अतिरिक्त बढ़ती हुई चर्बी के लिए यह प्राणायाम बहुत ही फायदेमंद है।
♦ यह आपके कमर के आकर को फिर से सामान्य स्थिति में लाने में मदद करता है।
♦ चेहरे की झुर्रियां और आँखों के नीचे का कालापन दूर करने में मदद करता है और चेहरे पर दोबारा चमक लौटाता है।
♦ यह शरीर को detox करता है। कपालभाति करने से श्वासनली की सफाई अच्छे से हो जाती है।
♦ इससे रक्त धमनी की कार्यक्षमता बढ़ती है और बढ़ा हुआ cholesterol कम होता है।
♦ गैस, एसिडिटी और कब्ज की समस्या करने में कपालभाति बहुत फायदेमंद होता है।
♦ कपालभाति करने से पसीना अधिक आता है, जिससे शरीर स्वच्छ रहता है।
♦ यह शरीर और मन के सारे नकारात्मक तत्व और विचारों को मिटा देता है।
♦ यह प्राणायाम याददाश्त को बढ़ाता है।

तो आप इस योग को आज से ही शुरू करें और देखें कि आपको कितना फायदा मिलता है। नियमित रूप से इस प्राणायाम को करते रहें जिससे आप स्वस्थ रहें और मुस्कराते रहें।

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