कड़वा नीम – Tenali Rama Story in Hindi

Kadwa Neem Tenali Rama Stories in Hindi
Kadwa Neem – Tenali Rama Stories in Hindi

कड़वा नीम
Tenali Rama Story in Hindi

एक बार विजयनगर के पड़ोसी राज्य ने विजयनगर पर आक्रमण कर दिया। इस युद्ध में विजयनगर के महाराज कृष्णदेव राय की विजय हुई। कृष्णदेव राय जब अपनी राजधानी वापस पहुंचे तो तेनालीराम (Tenali Rama) रास्ते में पीछे ही रह गए।

अगले दिन प्रत्येक दरबारी इस युद्ध को जीतने की खुशी में महाराज कृष्णदेव राय को अपनी तरफ से कुछ न कुछ उपहार दे रहे थे। इतने में तेनालीराम द्वारा भेजे गए एक आदमी ने राजा को नीम का पौधा उपहार स्वरूप भेंट किया और बताया कि यह उपहार आपके लिए तेनालीराम ने भेजा है।

यह सुनकर महाराज कृष्णदेव राय को क्रोध आ गया। वे आग बबूला होकर बोले, “तेनालीराम को गिरफ्तार करके हमारे सामने पेश किया जाए।”

महाराज का यह आदेश सुनकर तेनालीराम से घृणा करने वालों के चेहरे पर तो रौनक आ गई और वे मन ही मन भगवान से प्रार्थना करने लगे कि महाराज तेनाली राम को बंदीगृह में डाल दें तो आनंद ही आ जाएगा।

दूसरे दिन तेनाली राम को बंदी बनाकर महाराज के सम्मुख पेश किया गया। दरबार में सन्नाटा छाया हुआ था।

तभी कड़क आवाज में महाराज कृष्णदेव राय ने तेनालीराम से पूछा, “इस कड़वे नीम के पौधे को उपहार में भेजने का तुम्हारा क्या मतलब है? क्या हम तुम्हें कड़वे नीम की तरह कड़वे लगते हैं?”

यह सुनकर तेनालीराम हैरान रह गया। वह समझ गया कि मेरे विरोधियों ने राजा को भड़काया है, परंतु तेनाली राम ने अपना धैर्य और विवेक नहीं खोया।

कुछ सोचकर तेनालीराम ने कहा, “महाराज! मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था, जैसा आप सोच रहे हैं। मैंने तो आपको नीम का पौधा यह सोचकर भिजवाया था कि जिस तरह नीम के पेड़ की आयु अन्य वृक्षों की तुलना में अधिक लंबी होती है ठीक उसी तरह आप भी दीर्घायु हो।

जिस तरह नीम के पौधे की सुगंध से मक्खी मच्छर दूर भागते हैं, उसी प्रकार आपके शत्रु भी आपकी वीरता के आगे नतमस्तक हो जाएं।

जैसे नीम के पेड़ के नीचे बैठने से गर्मी में भी शीतलता मिलती है उसी प्रकार इस राज्य में भी तरक्की, कुशलता, खुशहाली और सुख-शांति चारों ओर फैल जाए।

यही सब कामना करते हुए मैंने आपके लिए उपहार स्वरूप यह नीम का पौधा भिजवाया था।”

तेनालीराम (Tenali Rama) की व्याख्या से महाराज अति प्रसन्न हो गए और तेनालीराम की प्रशंसा करने लगे। अंत में महाराज ने तेनालीराम को इनाम देकर उसका स्वागत किया। यह सब देखकर तेनालीराम के विरोधियों के चेहरे पर मायूसी छा गई।

ऐसे ही अन्य लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें

अगर आपके पास भी Hindi में कोई प्रेरणादायक story या अच्छा सा article है जो कि आप लोगों के साथ सांझा करना चाहते हैं तो आप हमें ईमेल कर सकते हैं और हम आपके द्वारा भेजा हुआ लेख आपके नाम सहित publish करेंगे। Email – hinglishtalk@gmail.com

और हां, आपको यह प्रेरक प्रसंग कैसा लगा, हमें comments के माध्यम से जरुर बताएं और अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों के साथ share करना ना भूलें। धन्यवाद्!

Leave a Reply

Your email address will not be published.