Leh की वादियों का मजा ले इस गर्मी में – Best Tourist Spots in Leh

Leh की वादियों का मजा ले इस गर्मी में – 2009 में Release हुई राजकुमार हिरानी निर्देशित “थ्री इडियट्स” फिल्म में Leh की वादियों की खूबसूरती देखकर यहां जाने वाले पर्यटकों की तादाद अचानक काफी अधिक हो गई है। हालांकि इससे पहले भी टूरिस्ट यहां आते थे, लेकिन उनमें विदेशी पर्यटकों की संख्या काफ़ी अधिक थी। यहां के Tourist Guide खुद बताते हैं कि बॉलीवुड मूवी ‘थ्री इडियट्स’ की रिलीज के बाद से यहां देसी पर्यटकों के आने का सिलसिला काफी तेजी से बढ़ा है।

Leh की वादियों का मजा ले इस गर्मी में - Best Tourist Spots in Leh
View of Leh

लेह समुद्र स्तर से 11 हजार 562 फीट की ऊंचाई पर है। अगर हवाईजहाज से यहां जाएं तो एक घंटे में ही आप 200 मीटर से करीब 4000 मीटर एल्टिट्यूड पर पहुंच जाते हैं और आपके शरीर को इतनी ऊंचाई और तापमान के बदलाव को adjust करने में एक दिन का समय लग सकता है। सड़क मार्ग से यह 434 किमी लंबे लेह-श्रीनगर (National Highway 1D) और 473 किमी लंबे लेह-मनाली हाइवे से जुड़ा हुआ है। हालांकि अक्टूबर से मई फर्स्ट वीक तक ये दोनों हाइवे भारी बर्फ जमने की वजह से बंद रहते हैं। सर्दियों में यहां का तापमान माइनस 40 डिग्री तक पहुंच जाता है।

आइये जानते हैं लेह में प्रमुख टूरिस्ट स्पॉटस के बारे में- 

Important Tourist Spots in Leh

Pangong Tso Lake

भारत-चीन सीमा पर हिमालय की खूबसूरत वादियों के बीच 14,270 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह काली नीली झील 134 किलोमीटर लंबी है जो यहां से तिब्बत तक फैली हुई है। खारा पानी होने के कारण इसमें मछलियां या अन्य जीव-जन्तु तो नहीं हैं लेकिन इसके साफ पानी पर उड़ते हुए seagull birds इसकी सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। जून में यहां पर बड़ी संख्या में बाइकर्स आते हैं जो यहां कैंपों में रात भी बिताते हैं। लेह से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर इस लेक तक पहुंचने के लिए 6 घंटे का सफर तय करना होता है।

Monastery Tour

वैसे तो लेह में कई बौद्ध मॉनेस्ट्रियां हैं लेकिन इनमें प्रमुख हैं हेमिस जो लद्दाख में सबसे बड़ी मानी जाती है। इसके अलावा Thikse और Spituk मॉनेस्ट्री भी काफी popular हैं। यहां सुबह की प्रार्थना देखना न भूलें।

Khardungla Top

यह विश्व की सबसे ऊंची Motorable Road है जिसकी ऊंचाई 18,380 फीट है। यहां से कराकोरम रेंज साफ देखी जा सकती हैं। लेह से करीब 45 किलोमीटर दूर इस रोड तक 2 घंटे में पहुंचा जा सकता है।

संगम

सिंधु और Zanskar नदियों का अद्भुत संगम आपको देवप्रयाग की याद दिला देता है जहां अलकनंदा और भागीरथी नदियां मिलती हैं। यह संगम अत्यंत मनमोहक है।

लेह जाने का बेहतरीन समय मई से सितंबर तक है। इस दौरान यहां का मौसम बर्दाश्त करने योग्य रहता है। यहां का मौसम कब बदल जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन फिर भी इस दौरान दिन का तापमान तो 5 से 15 डिग्री सेल्सयस तक रहता है जबकि रात का तापमान सब जीरो रेंज तक पहुंच जाता है। इसलिए इस दौरान अपने साथ गर्म कपड़े, सनग्लासेज, सनस्क्रीन और कुछ आवश्यक दवाएं ले जाना बेहद जरूरी है। चूंकि यहां हरियाली न के बराबर होने से ऑक्सिजन की कमी महसूस हो सकती है।

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